वेनेजुएला संकट पर भारत की प्रतिक्रिया, शांति और संवाद पर दिया ज़ोर
वेनेजुएला संकट पर भारत की प्रतिक्रिया, शांति और संवाद पर दिया ज़ोर
नई दिल्ली, 5 जनवरी 2026
भारत ने वेनेजुएला में जारी राजनीतिक और मानवीय संकट को लेकर सोमवार को अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत वेनेजुएला की मौजूदा स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और वहां शांति, स्थिरता तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली का समर्थन करता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने वेनेजुएला में सभी पक्षों से संयम बरतने और विवादों के समाधान के लिए संवाद व कूटनीतिक माध्यमों को अपनाने की अपील की है। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी संकट का समाधान केवल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और आपसी बातचीत के जरिए ही संभव है।
संप्रभुता और गैर-हस्तक्षेप पर भारत का रुख
भारत ने अपने बयान में दोहराया कि वह वेनेजुएला की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। साथ ही, भारत ने यह भी कहा कि किसी भी देश के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप से हालात और अधिक जटिल हो सकते हैं।
मानवीय हालात पर चिंता
भारत ने वेनेजुएला में बिगड़ते मानवीय हालात पर भी चिंता जाहिर की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आम नागरिकों को हो रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को रचनात्मक और जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए, ताकि संकट का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।
संतुलित विदेश नीति की झलक
विशेषज्ञों के अनुसार, वेनेजुएला संकट पर भारत की यह प्रतिक्रिया उसकी संतुलित और जिम्मेदार विदेश नीति को दर्शाती है। भारत परंपरागत रूप से अंतरराष्ट्रीय विवादों में शांति, संवाद और लोकतंत्र का समर्थन करता रहा है।
निष्कर्ष
5 जनवरी 2026 को वेनेजुएला संकट पर भारत की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि भारत वैश्विक मंच पर टकराव के बजाय संवाद, लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता देता है।

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